
| S.N. | Title | Detail | Date | Year | Action |
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| 1 | गोपालगंज जिले में खरीफ 2026 के लिए आकस्मिक योजना | बिहार के गोपालगंज जिले के लिए खरीफ 2026 के मानसून पूर्वानुमान के अनुसार जून माह में वर्षा सामान्य से कम होने की संभावना है। जुलाई माह में जून की तुलना में अपेाकृत बेहतर वर्षा होने का अनुमान है तथा अगस्त माह में संतोषजनक वर्षा प्राप्त हो सकती है, जबकि सितंबर माह में पुनः वर्षा में कमी होने की संभावना है। इन सभी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जिले के किसानों के लिए निम्नलिखित आकस्मिक योजना प्रस्तावित की जाती है— -धान की नर्सरी की बुवाई एक सप्ताह के अंतराल पर चरणबद्ध तरीके से की जाए। -लंबी अवधि वाली धान की नर्सरी जून के प्रथम सप्ताह में बोई जाए ताकि वर्षा होने पर जुलाई माह में रोपाई की जा सके। -पारंपरिक रोपाई की अपेक्षा कम पानी की आवश्यकता वाली धान की सीधी बुवाई (Direct Seeded Rice-DSR) को जून के प्रथम पखवाड़े में प्रोत्साहित किया जाए। -बुवाई के समय मिट्टी में अंकुरण हेतु पर्याप्त नमी होनी चाहिए। -कम अवधि वाली धान की किस्मों जैसे —राजेन्द्र सरस्वती (110-115 दिन), राजेन्द्र नीलम (110-115 दिन), सबौर सम्राट (115-120 दिन), सबौर कुँवर (110-115 दिन) का उपयोग किया जाए। -धान की रोपाई विफल होने की स्थिति में रागी, बाजरा, ज्वार जैसी फसलों को वैकल्पिक फसल के रूप में लिया जा सकता है। ऊँची और मध्यम भूमि पर धान के स्थान पर दालें, मक्का और अन्य सब्ज़ियों की फसलें लगाई जा सकती हैं। गन्ने के किसानों को सलाह दी जाती है कि लंबे समय तक सूखे की स्थिति में उचित वानस्पतिक विकास के लिए जून/जुलाई महीने में कम से कम एक बार सिंचाई की व्यवस्था करें। | 2026-05-19 | 2026 | View / Download |